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उत्तराखण्ड के साहित्यकार हिमांशु जोशी का व्यक्तित्व


उत्तराखण्ड के साहित्यकार हिमांशु जोशी का व्यक्तित्व 


हिमांशु जोशी का जन्म 4 मई 1935 को उत्तराखंड  के चम्पावत  जिले के  जोस्यूड़ा गांव में हुआ था।इनके  पिता का नाम श्री पूर्णानन्द जोशी तथा माता का नाम श्रीमती तुलसी देवी जोशी था। इनके पिता  पूर्णानन्द जोशी पण्डित गोविन्द बल्लभ पन्त के समकालीन एवं मित्र थे। इनकी पहली कहानी ‘बुझे दीप’ ‘नवभारत टाइम्स’ के‘रविवासरीय’ में सन् 1955 में प्रकाशित हुई।
उत्तराखण्ड के साहित्यकार हिमांशु जोशी का व्यक्तित्व

साहित्यकार हिमांशु जोशी जन्म परिचय

जन्म - 4 मई 1935
मृत्यु - 26 नवंबर 2018
स्थान - जोस्युड़ा गाँव चम्पावत
                                      

साहित्यकार हिमांशु जोशी कविता संग्रह

  • अग्नि सम्भव
  • नील नदी का वृक्ष
  • एक आंख की कविता

साहित्यकार हिमांशु जोशी कहानी संग्रह

  • अंततः
  • श्रेष्ठ प्रेम कहानियां
  • दस कहानियां
  • नंगे पावो के निशान
  • इकहत्तर कहानियाँ
  • इस बार बर्फ गिरी तो
  • सागर तट के शहर जलते हुए डैने
  • बुझे दीप

साहित्यकार हिमांशु जोशी बाल साहित्य

  • तीन तारे
  • सुबह के सूरज
  • अग्नि संतान
  • बचपन की याद रही कहानियां
  • हिम का साथी
  • अमर कैदी
  • भारत रत्न प. गोविन्द बल्लभ पन्त
  • काला पानी

साहित्यकार हिमांशु जोशी नाटक

  •  कगार की आग
  • इस बार
  • सु-राज
  • समय की शिला पर

साहित्यकार हिमांशु जोशी वैचारिक संस्मरण

  • उत्तर पर्व
  • आठवां सर्ग

साहित्यकार हिमांशु जोशी यात्रा वृतांत

  • यात्राएं
  • नार्वे – सूरज चमके आधी रात

साहित्यकार हिमांशु जोशी अन्य रचना

  • चीड़ के वन
  • अरण्य

साहित्यकार हिमांशु जोशी पुरुष्कार व सम्मान

  • उत्तर प्रदेश हिंदी संसथान पुरष्कार
  • हिंदी अकादमी दिल्ली सम्मान
  • पत्रकारिता हेतु गणेश शंकर विद्यार्थी पुरष्कार से सम्मानित
  • इनकी पहली कहानी “बुझे दीप” नवभारतटाइम्स में 1955 में प्रकाशित हुयी। 

साहित्यकार हिमांशु जोशी से जुड़े अन्य महत्त्पूर्ण तथ्य 


  1. प्रसिद्ध उपन्यास तुम्हारे लिए पर दूरदर्शन पर धारावाहिक बना।  
  2. कोलकाता से प्रकाशित मासिक पत्रिका वर्गार्थ के संपादक रहे। 
  3. वर्तमान में गाँधी हिन्दुस्तानी साहित्य सभा के अध्यक्ष है।  
  4. इनके उपन्यास सु-राज पर बॉलीवुड में फिल्म बनायीं गयी।  

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