उत्तराखंड इतिहास कार्तिकेपुर राजवंश

उत्तराखंड इतिहास  कार्तिकेपुर राजवंश

उत्तराखंड इतिहास में  कार्तिकेपुर राजवंश  को प्रथम राजवंश माना जाता है।  कार्तिकेयपुर राजवंश की स्थापना  हर्षवर्धन के मृत्यु के बाद  हुई.



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 कार्तिकेपुर राजवंश


➤कार्तिकेपुर राजवंशः


उत्तराखण्ड का प्रथम ऐतिहासिक राजवंश

➤राजधानी  

कार्तिकेपुर


➤प्रथम राजा 

राजा बंसतदेव

➤अन्तिम शासक 
ब्रह्मदेव


उत्तराखंड इतिहास : कुछ महत्वपूर्ण तथ्य कार्तिकेपुर राजवंश के बारे में 


कार्तिकेपुर राजवंशः- उत्तराखण्ड का प्रथम ऐतिहासिक राजवंश कार्तिकेपुर राजवंश था।


इस राजवंश की राजधानी  चमोली जिले में जोशीमठ के पास स्थित कार्तिकेपुर में थी।

इन्होंने अपनी राजधानी कत्यूर घाटी में स्थित वैद्यनाथ कार्तिकेपुर (बैजनाथ,बागेश्वर) में स्थानांतरित की।

इस राजवंश का राजा बंसतदेव को माना जाता है।

कत्यूरी शासन को उत्तराखण्ड का स्वर्ण काल कहा जाता है।

इस राजवंश के समय आदिगुरू शंकराचार्य उत्तराखण्ड आये और कत्यूरी राजाओं ने उनकी शिक्षा को मानते हुये अनेक मन्दिर बनवाये जैसेः-

➤ पंचकेदार
➤ ज्योर्तिमठ

➤ पंचबद्री
➤ व्याघ्रेश्वर


मन्दिरों पर छत्र बनाने का प्रचलन इसी काल में प्रारम्भ हुआ।

वैद्यनाथ कार्तिकेपुर के कत्यूरू कमजोर शासक साबित हुये और छोटे- छोटे अनेक कत्यूर राज्य बना लिये गये।

इस वंश का अन्तिम शासक ब्रह्मदेव हुआ।

ब्रह्मदेव ने 1398 में तैमूर लंग से युद्ध किया और इस युद्ध में ब्रह्मदेव मारा गया और इस वंश का अन्त हो गया।



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